सर्दियों का मौसम अपने साथ सुहानी ठंड तो लाता ही है, लेकिन साथ ही सर्दी-जुकाम, गले में खराश, बलगम और जोड़ों का दर्द भी लेकर आता है। उत्तर भारत के बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश में ठंड के दिनों में शरीर का तापमान बनाए रखना और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को मजबूत रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है।
आयुर्वेद के महान ग्रंथ चरक संहिता और अष्टांग हृदय में सर्दियों के लिए गर्म तासीर वाले पदार्थों का सेवन करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। और जब बात आती है रोजाना की चाय की, तो सफेद चीनी के मुकाबले देशी गुड़ और मसालों का काढ़ा रूपी मेल किसी अमृत से कम नहीं है।
गुड़ की गर्म तासीर: शरीर को रखे अंदर से गर्म
सफेद चीनी शरीर को सिर्फ ठंडा और कफकारक प्रभाव देती है। इसके विपरीत, देशी गुड़ की तासीर गर्म होती है। यह शरीर के आंतरिक मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे ठंड के दिनों में भी शरीर अंदर से गर्म और ऊर्जावान बना रहता है।
Tasty Mantra के 4 मुख्य विंटर वॉरियर्स (Winter Warriors):
1. तुलसी (Tulsi)
फेफड़ों में कफ जमने से रोकती है और वायरल संक्रमण के खिलाफ एंटी-वायरल शील्ड की तरह काम करती है।
2. मुलेठी (Mulethi)
गले की सूखी खांसी, दर्द और खराश को तुरंत शांत करती है और वोकल कॉर्ड्स को सुरक्षित रखती है।
3. सोंठ / अदरक (Ginger)
जिंजेरॉल (Gingerol) से भरपूर। जोड़ों के दर्द, अकड़न और सर्दी से होने वाले सिरदर्द में चमत्कारी आराम देती है।
4. लौंग व दालचीनी
शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट जो ब्लड सर्कुलेशन को दुरुस्त रखते हैं और फ्लू से लड़ने की ताकत देते हैं।
काढ़ा पीने के कड़वे अनुभव से छुटकारा
अक्सर जब बच्चे या बड़े बीमार पड़ते हैं, तो उन्हें कड़वा काढ़ा पीना पड़ता है, जिसे कोई खुशी से नहीं पीता। Tasty Mantra गुड़ की चाय का सबसे बड़ा फायदा यही है कि यह काढ़े जैसा गुणकारी होने के बावजूद स्वाद में बेहद लाजवाब, कड़क और मखमली मीठी होती है। इसे बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी बड़े चाव से पीते हैं।
सर्दियों में सही सेवन का समय
सर्दियों के दिनों में सुबह उठने के तुरंत बाद एक कप और शाम को 4 से 5 बजे के बीच एक कप Tasty Mantra गुड़ की चाय पीना सबसे उत्तम माना गया है। यह दिनभर की सुस्ती भगाकर ताजगी देती है।